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Wednesday, July 24, 2024
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स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती-पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय क़रोल व संजय कुमार अतिपिछड़ों को दिये गये आरक्षण वाली सीटों पर चुनाव कराने से रोक,चर्चा

स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती-पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय क़रोल व संजय कुमार अतिपिछड़ों को दिये गये आरक्षण वाली सीटों पर चुनाव कराने से रोक
Jna रितेश राज वर्मा
नटवर्क डेस्क/पटना। बड़ी खबर:एक तरफ नगर निकाय चुनाव का प्रथम चुनाव का प्रचार थमने ही वाला था कि इधर पटना उच्च न्यायालय ने आरक्षण वाली सीटों पर 10 तथा 20 अक्टूबर को होने वाले चुनाव पर तत्काल विराम लगा दिया है।वहीं अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रावधानों के अनुसार तब तक स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती, जब तक सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित तीन जांच अर्हताएं नहीं पूरी कर लेती।जबकि उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि इस स्थानीय निकाय के चुनाव में इन पदों के आरक्षण नहीं होने पर इन्हें सामान्य सीट के रूप में अधिसूचित कर चुनाव कराए जाएंगे। चीफ जस्टिस संजय क़रोल एवं संजय कुमार की खंडपीठ ने सुनील कुमार व अन्य की याचिकाओं पर सभी पक्षों को सुनने के बाद 29 सितम्बर 2022 को फैसला सुरक्षित रख लिया था, जहाँ छुट्टी के दिन पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय क़रोल एवं संजय कुमार अतिपिछड़ों को दिये गये आरक्षण वाली सीटों पर चुनाव कराने से रोक लगा दिया है। jna के अनुसार 10 अक्टूबर को प्रथम चरण का मतदान को लेकर राज्य सरकार ने दिसंबर, 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था, स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति तब तक नहीं दी जा सकती, जब तक कि सरकार 2010 में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा निर्धारित तीन जांच की अर्हता पूरी नहीं कर लेती।जबकि तीन जांच के प्रावधानों के तहत ओबीसी के पिछड़ापन पर आंकडे जुटाने के लिए एक विशेष आयोग गठित करने और आयोग के सिफरिशों के मद्देनजर प्रत्येक स्थानीय निकाय में आरक्षण का अनुपात तय करने की जरूरत होता है वहीं राज्य सरकार ने इसका ख्याल नही रखा।ज्ञात हो.कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था एससी/एसटी/ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा कुल उपलब्ध सीटों का पचास प्रतिशत की सीमा को नहीं पार करें! जहाँ पटना उच्च न्यायालय ने खासकर पिछड़ा वर्ग ओर अतिपिछड़ा वर्ग वाली मुख्य पार्षद/ उप मुख्य पार्षद वाली सीटों पर होने वाले चुनाव पर रोक लगा दिया। जबकि कोर्ट ने कई ओर भी आदेश पारित की है, जहाँ आदेश की पूरी कॉपी उपलब्ध होने उपरांत ही अवगत कराया जायेगा।

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