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Thursday, April 18, 2024
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*प्रेम पूर्ण अस्तित्व है – अनिता रेलन*

*राजस्थान।(भैरू सिंह राठौड़) केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “प्रेम बदलती अभिव्यक्ति” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।य़ह कोरोना काल से 629 वां वेबिनार था। मुख्य वक्ता अनिता रेलन ने अपनी बात दोहे “प्रेम बिना साहित्य के उठे ना मन में भाव , पावन प्रेम पराग से बढ़ता है सद्भाव,भक्ति भाव बिना प्रेम के उपजे नहीं सुजान,भक्ति प्रेम विस्तार है जाने सकल जहान” से शुरू की।उन्होंने कहा कि प्रेम के अनेक अनेक स्वरूप है मां बेटे का प्यार,भक्त और भगवान का प्यार,गुरु शिष्य का प्यार पर यह भौतिक स्वरूप है यही भौतिक स्वरूप आध्यात्मिक प्रेम की एक छाया है प्रेम का गुण है आनंद। प्रेम करने पर आनंद प्राप्त होता है प्रेम और आनंद आत्मा का अपना गुण है यदि प्रेम व्यक्ति के गानो पर आधारित है तब वह प्रेम स्थाई नहीं होता किसी से उसकी महानता या विशेषता के लिए प्रेम करना तीसरे दर्जे का प्रेम माना जाता है । हम उसे बदलने की कोशिश करते हैं पर पूर्णता हम अंदर से अपने स्वभाव को बदल नहीं सकते । परंतु प्रेम की अभिव्यक्ति बदलती है वह कैसे क्योंकि प्रेम तुम्हारा स्वभाव है प्रेम के अलावा कोई चारा है ही नहीं,मां को बच्चों के लिए प्रेम है परंतु कभी उसे खिलाती है कभी सख्ती से पेश आती है यह सब वह प्रेम वश करती है।यह सभी प्रेम के विभिन्न रूप हैं अलग-अलग लोगों से मिलते हैं तो भिन्न-भिन्न प्रकार के प्रेम की अभिव्यक्ति होती है अतः प्रेम की अभिव्यक्ति बदलती है परंतु प्रेम स्वयं नहीं बदलता क्योंकि प्रेम तुम्हारा स्वभाव है ध्यान रहे की प्रेम तुम्हारा स्वभाव है इसलिए नहीं बदलता।प्रेम कोई भावना नहीं है वह तो पूर्ण अस्तित्व है कहते भी है प्रेम को प्रेम ही रहने दो उसे कोई नाम ना दो जब तुम प्रेम को नाम देते हो तब वह एक संबंध बन जाता है और संबंध प्रेम को सीमित कर देता है तुममें भी और मुझमें प्रेम है बस उसे रहने दो यदि तुम प्रेम को भाई-बहन माता-पिता गुरु का नाम देते हो तब उससे संबंध बना रहे हो संबंध प्रेम को सीमित करता है केवल वही व्यक्ति सच्चा प्रेम कर सकता है जिसने त्याग किया है जिस मात्रा में तुम त्याग करते हो वही तुम्हारी प्रेम की क्षमता है सच्चा प्रेम अधिकार नहीं जताता वह स्वतंत्रता लाता है। प्रेम में और कोई इच्छा नहीं होती प्रेम और वैराग्य विपरीत प्रतीत होते हुए भी एक ही सिक्के की दो पहलू है,ऊपर कहा था प्रेम तुम्हारा स्वभाव है और प्रेम में पीड़ा उसकी प्रथम अंतर्दृष्टि है ऊर्जा दूसरी अंतर्दृष्टि है और दिव्य प्रेम तीसरी अंतर्दृष्टि है दिव्य प्रेम की एक झलक संपूर्णता लाती है और सभी सांसारिक सुखों को तुच्छ बना देती है।चौथी अंतर्दृष्टि समाधि और पांचवी है अद्वैत के प्रति सजगता अर्थात सब कुछ बस सिर्फ एक से ही बना है।।प्रेम के अनेकानेक स्वरूप है लेकिन इसकी जो अभिव्यक्ति है हर स्थान समय के अनुसार बदलती रहती है सांसारिक प्रेम महासागर की तरह होता है पर महासागर का भी एक तल है दिव्य प्रेम आकाश की तरह होता है असीम और अनंत महासागर के तल से ऊपर उठ जाओ विशाल नभ की ओर तो आपको दिव्य प्रेम की अनुभूति होगी अंत में उन्होंने सारांश के रूप में बताया । मुख्य अतिथि आर्य नेत्री ऋचा गुप्ता व अध्यक्ष ममता शर्मा ने भी अपने विचार रखे।परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया।राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। गायिका पिंकी आर्य, कौशल्या अरोड़ा, जनक अरोड़ा, कमला हंस, सरला बजाज उषा सूद, मृदुल अग्रवाल, रविन्द्र गुप्ता के मधुर भजन हुए। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रवीण आर्य ने संपादक भैरु सिंह राठौड़ को दी हैं।

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भाटी
भाटीhttp://jagdoot.com
एडिटर (जगदूत न्यूज)
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Manohar on *स्वर्गीय पासवान की स्मृति और आदर्श सदैव प्रेरणादायक:शास्त्री* खगड़िया, 26 अक्तूबर 2022 सदर प्रखण्ड के रानीसकरपुरा निवासी पूर्व जिला परिषद् प्रत्याशी व जदयू नेता समाजसेवी स्मृतिशेष दिवंगत राजेश पासवान के याद में रानीसकरपुरा पंचायत के वार्ड नं 01 स्थित सुशिला सदन के परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता स्थानीय पंसस प्रतिनिधि रवि कुमार पासवान ने की।जबकि मंच संचालन डॉ0 मनोज कुमार गुप्ता ने किया।सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों तथा शुभचिंतकों के द्वारा उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर जदयू के जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि स्वर्गीय राजेश पासवान की मधुर स्मृति, स्नेह,आदर्श, मार्गदर्शन एवं उनके आशीर्वाद हमसबों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।उन्होंने कहा कि जब कभी भी बरैय और रानीसकरपुरा पंचायत के राजनीतिक व सामाजिक कार्यों में बेहतर भूमिका निभाने वालों की चर्चा होगी तो उसमें स्वर्गीय पासवान का नाम श्रद्धापूर्वक लिया जाएगा। इस अवसर पर रामपुकार पासवान, रामविलाश पासवान, रामदेव पासवान, चन्दर पासवान, अरूण पासवान, जदयू नेत्री ईशा देवी, रीना देवी, बिभा कुमारी,राजीव पासवान, अमित पासवान, सरोज पासवान, विजय पासवान, जितेन्द्र पासवान, दीपक कुमार, हरिवंश कुमार, अभिषेक कुमार, वार्ड सदस्या सुशीला देवी,अनोज कृष्ण,चिराग व बिक्रम कुमार आदि दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे