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Monday, June 24, 2024
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कदवार नेता विद्वान की पहचान, उसकी धीरज शक्ति ही महत्वपूर्ण पहचान होती है — ================= Pushpa Bhati journalist & Blogger .writer jaipur in Rajasthan जगत की सच्चाई है कि आज का मानव इतना घमंडी और स्वार्थी हो चुका है कि वह अपनी मूल सभ्यता को भूल चुका है। सोच – विचार की वरीयता को कम करके अपने अच्छे दिनो की शुरूआत क्रोध ईष्र्या बदले के भावना से ओत-प्रोत होकर स्वय के विकास बाधक सिद्द हो रहा है ,आगे बढने वाले कभी पिछे मुड़कर नही देखते है । कहा जाता है रेस अक्सर वो ही जीतते है , जो लगातार चलते रहते है । फिक्र तुम क्यों करते है , तुफान तो हवाओ को भी नाकाम कर देते है ,जब इरादे नेक जोश-उत्साह होता है । वरना सुखे दरख्त कभी छांव न देते गर किसान रोजना उसमे पानी न सींचे तो — अस्मा में बादल के गरजने की आवाज को सुनकर किसान फसलो में कैसे पानी लगाना छोड दे। सिर्फ ही सिर्फ उनका जुनून ही उसे अच्छी पैदावार का हकदार बनाता है। जितनी चादर हो उतने ही पैर पसारे– ख्याली पुलाव वाला व्यक्ति ऊँची दुकान फीका पकवान वाला कहा जाता है । – सच्चाई को कभी झुठलाया नही जाता है । मंजिले उन्ही को मिलती है, – जो दूसरो की शाबशी का इंतजार नही करते है । Pushpa Bhati journalist & Blogger. Writer . Jaipur in Rajasthan –

  • कदवार नेता विद्वान की पहचान,
    उसकी धीरज शक्ति ही महत्वपूर्ण पहचान होती है —
    =================
    Pushpa Bhati journalist & Blogger .writer jaipur in Rajasthan
    जगत की सच्चाई है कि आज का मानव इतना घमंडी और स्वार्थी हो चुका है कि वह अपनी मूल सभ्यता को भूल चुका है। सोच – विचार की वरीयता को कम करके अपने अच्छे दिनो की शुरूआत क्रोध ईष्र्या बदले के भावना से ओत-प्रोत होकर स्वय के विकास बाधक सिद्द हो रहा है ,आगे बढने वाले कभी पिछे मुड़कर नही देखते है । कहा जाता है रेस अक्सर वो ही जीतते है , जो लगातार चलते रहते है । फिक्र तुम क्यों करते है , तुफान तो हवाओ को भी नाकाम कर देते है ,जब इरादे नेक जोश-उत्साह होता है । वरना सुखे दरख्त कभी छांव न देते गर किसान रोजना उसमे पानी न सींचे तो —
    अस्मा में बादल के गरजने की आवाज को सुनकर किसान फसलो में कैसे पानी लगाना छोड दे।
    सिर्फ ही सिर्फ उनका जुनून ही उसे
    अच्छी पैदावार का हकदार बनाता है।
    जितनी चादर हो उतने ही पैर पसारे–
    ख्याली पुलाव वाला व्यक्ति ऊँची दुकान फीका पकवान वाला कहा जाता है ।
    – सच्चाई को कभी झुठलाया नही जाता है ।
    मंजिले उन्ही को मिलती है,
    – जो दूसरो की शाबशी का इंतजार नही करते है ।
    Pushpa Bhati journalist & Blogger. Writer .

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*वरिष्ठ पत्रकार एवं मुंबई हलचल के प्रधान संपादक दिलशाद खान जी पर लिखा गया मेरा आर्टिकल देश के ख्यातनाम विभिन्न भाषाओं के 19 प्रसिद्ध राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर इनके मीडिया संस्थानों का हार्दिक आभार एवं ढ़ेरों शुभकामनाएं जिन्होंने मेरी रचना को प्राथमिकता देते हुए प्रमुखता से अपने अपने समाचार पत्रों में प्रकाशित किया है। जिससे ना केवल मेरी स्वच्छ पत्रकारिता पर मोहर लगी बल्कि मुझे लेखन क्षेत्र में एक नया संबल एवं नई ऊर्जा मिली हैं, जिससे पत्रकारिता जैसे चुनौती भरे सफर में कांटों का मार्ग प्रशस्त होगा। एक बार फिर दिल से इन सभी मीडिया संस्थानों का हार्दिक आभार* *भैरु सिंह राठौड़* *(संपादक राजस्थान)* *दैनिक मुंबई हलचल* *दैनिक खबर का असर* *दैनिक स्कालर टाईम्स* *दैनिक मुंबई अमरदीप* *दैनिक अपराध का अंत* *दैनिक भोपाल मेट्रो न्यूज* *(प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान)* *प्रेस वेलफेयर फाउंडेशन ट्रस्ट* *भीलवाड़ा (राजस्थान) 09799988158*
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, pushpa Bhati journalist & Blogger writer jaipur in Rajasthan- *धिक्कार है । जमी जली, बस्ती जलकर तबाह हो गई*। – दुबके रहे लोग घरो में ये कहकर वो जिन्दा रहे न रहे हम जिन्दा रहे। ताल्लुक बनाए हुए हम जिन्ना से ये यहां । सुनसान सड़को पर क्या रखा है गुलिस्ता आहिस्ता-आहिस्ता गुले गुलज़ार बनने को तैयार है । राजनिति के रंगदार में सियार बनने की दौड़ में प्रत्येक उतारू हो रहे है ,किसे फिक्र है देश हित पर मरने वालो की सबको सुरक्षित नींद में सोने की तमन्ना जो है । – अक्सर अच्छे लोग चुल्हे में जलती हुई लकड़ी के समान होते है जो जलकर भी रोटीया सेक देते है । विपरीत परिस्थिति उलटे परिणाम लाती है । अक्सर सब दिशाओ मे यही देखा जा रहा है कि — चार कदम चलै नही नेता के साथ सेल्फी का दौर चालू, क्या पता इल्ज़ाम क्या हो , नकार दिऐ जाते मजबूत रिश्तो के दौर, ये सब सियासत के रंगो व बदलती दुनिया का हेरफेर खेल है कौन कहां किसकी सुनते है । भरे जमाने मे प्लास्टिक बन्द है तभी भी प्लास्टिक के पॉलिथीन तक सरेआम बिकते हुए दिखाई पड़ती है उठाई गई समाज की हित के लिए आवाज भी आजकल यूं बेकार सी लगती है । बदहवास दुनिया में तरले मिन्नते भी आजकल चुनौती भरे लगने लगते है । समाज हित का कार्य क्यों करें किसी के के कहे पर आजकल खोटे सिक्को पर हाईरेट का जमाना आ गया है ।। पैरवी करने वाले अक्सर , नीलाम होते हुए कारोबार को चलाने की सलाहकार होते है । अक्सर बंणजारो के शहर मे कान -नाक भेदने का कार्य हुआ करता था। सुना है आजकल भेदन प्रचलन तो एक प्रचलित फैशन हो गया है । जिसके दुकाने आम हो गई है । वो चिल्लाते रहे , बस्ती में आग लगी रही , वो तो शहर चले गए — ______ Pushpa Bhati journalist & Blogger writer — 7690007876
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Manohar on *स्वर्गीय पासवान की स्मृति और आदर्श सदैव प्रेरणादायक:शास्त्री* खगड़िया, 26 अक्तूबर 2022 सदर प्रखण्ड के रानीसकरपुरा निवासी पूर्व जिला परिषद् प्रत्याशी व जदयू नेता समाजसेवी स्मृतिशेष दिवंगत राजेश पासवान के याद में रानीसकरपुरा पंचायत के वार्ड नं 01 स्थित सुशिला सदन के परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता स्थानीय पंसस प्रतिनिधि रवि कुमार पासवान ने की।जबकि मंच संचालन डॉ0 मनोज कुमार गुप्ता ने किया।सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों तथा शुभचिंतकों के द्वारा उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर जदयू के जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि स्वर्गीय राजेश पासवान की मधुर स्मृति, स्नेह,आदर्श, मार्गदर्शन एवं उनके आशीर्वाद हमसबों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।उन्होंने कहा कि जब कभी भी बरैय और रानीसकरपुरा पंचायत के राजनीतिक व सामाजिक कार्यों में बेहतर भूमिका निभाने वालों की चर्चा होगी तो उसमें स्वर्गीय पासवान का नाम श्रद्धापूर्वक लिया जाएगा। इस अवसर पर रामपुकार पासवान, रामविलाश पासवान, रामदेव पासवान, चन्दर पासवान, अरूण पासवान, जदयू नेत्री ईशा देवी, रीना देवी, बिभा कुमारी,राजीव पासवान, अमित पासवान, सरोज पासवान, विजय पासवान, जितेन्द्र पासवान, दीपक कुमार, हरिवंश कुमार, अभिषेक कुमार, वार्ड सदस्या सुशीला देवी,अनोज कृष्ण,चिराग व बिक्रम कुमार आदि दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे