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Thursday, September 21, 2023
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*अतिक्रमण की भेंट चढ़ रही है :- कासावती नदी* नीमकाथाना /मनोज कुमार मीणा/ रामायण काल की कासावती नदी वर्तमान में अतिक्रमणकारियों के भेंट चढ़ती जा रही है। नदी की सैकड़ों एकड़ जमीन के लिए यह नदी वरदान साबित होती थी लेकिन अतिक्रमण के कारण यह नदी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। कभी 300-350 फीट चौड़ाई में बहने वाली नदी अतिक्रमण के कारण सिकुड़ते -सिकुड़ते महज 60-70 फीट ही रह गयी है। यदि इसी तरह अतिक्रमण जारी रहा तो *दो-चार वर्षों के बाद नदी सिर्फ मानचित्र के पन्नों में ही सिमट कर रह जाएगी* आने वाली पीढ़ी मानचित्र के सहारे ही जान पाएंगे कि नीमकाथाना मैं रामायण काल की कासावती नदी बहती थी, जिसके तटों पर अधिकारियों की सांठगांठ से कब्जा कर कर जमीनों को किया कन्वर्जन अतिक्रमण के कारण कासावती नदी का अस्तित्व समाप्त होने पर भराला मोड से रायपुर तक गांव के सैकड़ों हेक्टेयर उपजाऊ जमीन सिचाई के अभाव में बंजर हो जाएगी। समाजसेवी कैलाश मीणा ने बताया कि नदी किनारे नदी के पश्चिमी किनारे को धीरे-धीरे भराई कर पहले उसे अपने कब्जे में लेकर बागबानी का कार्य आरंभ किया, बाद में मकान बनाने लगे। ग्रामीण एवं प्रशासन द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर वर्तमान में नदी में सैकड़ों घर बन गये है तथा दर्जनों एकड़ जमीन पर अवैध कॉलोनियों कटने लग गई है । बरसात के दिनों में 60-70 फीट में पानी बहने से पानी की धारा काफी तीव्र रहने से सिचाई के लिए लगाये गये बांध पानी के तेज बहाव में बह जाते हैं। *उच्च न्यायालय के आदेश की हो रही अवहेलना* उच्च न्यायालय ने नदी , नाला , आहर, एवं अन्य जल स्त्रोत का अतिक्रमण को मुक्त कराने का निर्देश दिये थे। लेकिन नीमकाथाना के अधिकारियों ने उन निर्देशों को ठंडे बस्ते में डाल दिये है । *कहते हैं अधिकारी* कासावती नदी में हुए अतिक्रमण की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने पर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया जाएगा। अतिक्रमण हटाने का विरोध करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

*अतिक्रमण की भेंट चढ़ रही है :- कासावती नदी*

नीमकाथाना /मनोज कुमार मीणा/ रामायण काल की कासावती नदी वर्तमान में अतिक्रमणकारियों के भेंट चढ़ती जा रही है। नदी की सैकड़ों एकड़ जमीन के लिए यह नदी वरदान साबित होती थी लेकिन अतिक्रमण के कारण यह नदी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। कभी 300-350 फीट चौड़ाई में बहने वाली नदी अतिक्रमण के कारण सिकुड़ते -सिकुड़ते महज 60-70 फीट ही रह गयी है। यदि इसी तरह अतिक्रमण जारी रहा तो

*दो-चार वर्षों के बाद नदी सिर्फ मानचित्र के पन्नों में ही सिमट कर रह जाएगी*

आने वाली पीढ़ी मानचित्र के सहारे ही जान पाएंगे कि नीमकाथाना मैं रामायण काल की कासावती नदी बहती थी, जिसके तटों पर अधिकारियों की सांठगांठ से कब्जा कर कर जमीनों को किया कन्वर्जन

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अतिक्रमण के कारण कासावती नदी का अस्तित्व समाप्त होने पर भराला मोड से रायपुर तक गांव के सैकड़ों हेक्टेयर उपजाऊ जमीन सिचाई के अभाव में बंजर हो जाएगी। समाजसेवी कैलाश मीणा ने बताया कि नदी किनारे नदी के पश्चिमी किनारे को धीरे-धीरे भराई कर पहले उसे अपने कब्जे में लेकर बागबानी का कार्य आरंभ किया, बाद में मकान बनाने लगे। ग्रामीण एवं प्रशासन द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर वर्तमान में नदी में सैकड़ों घर बन गये है तथा दर्जनों एकड़ जमीन पर अवैध कॉलोनियों कटने लग गई है । बरसात के दिनों में 60-70 फीट में पानी बहने से पानी की धारा काफी तीव्र रहने से सिचाई के लिए लगाये गये बांध पानी के तेज बहाव में बह जाते हैं।

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*उच्च न्यायालय के आदेश की हो रही अवहेलना*

उच्च न्यायालय ने नदी , नाला , आहर, एवं अन्य जल स्त्रोत का अतिक्रमण को मुक्त कराने का निर्देश दिये थे। लेकिन नीमकाथाना के अधिकारियों ने उन निर्देशों को ठंडे बस्ते में डाल दिये है ।

*कहते हैं अधिकारी*

कासावती नदी में हुए अतिक्रमण की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने पर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया जाएगा। अतिक्रमण हटाने का विरोध करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुष्पा भारती
पुष्पा भारतीhttp://jagdoot.com
एडिटर (जगदूत न्यूज)
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Manohar on *स्वर्गीय पासवान की स्मृति और आदर्श सदैव प्रेरणादायक:शास्त्री* खगड़िया, 26 अक्तूबर 2022 सदर प्रखण्ड के रानीसकरपुरा निवासी पूर्व जिला परिषद् प्रत्याशी व जदयू नेता समाजसेवी स्मृतिशेष दिवंगत राजेश पासवान के याद में रानीसकरपुरा पंचायत के वार्ड नं 01 स्थित सुशिला सदन के परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता स्थानीय पंसस प्रतिनिधि रवि कुमार पासवान ने की।जबकि मंच संचालन डॉ0 मनोज कुमार गुप्ता ने किया।सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों तथा शुभचिंतकों के द्वारा उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर जदयू के जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि स्वर्गीय राजेश पासवान की मधुर स्मृति, स्नेह,आदर्श, मार्गदर्शन एवं उनके आशीर्वाद हमसबों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेंगे।उन्होंने कहा कि जब कभी भी बरैय और रानीसकरपुरा पंचायत के राजनीतिक व सामाजिक कार्यों में बेहतर भूमिका निभाने वालों की चर्चा होगी तो उसमें स्वर्गीय पासवान का नाम श्रद्धापूर्वक लिया जाएगा। इस अवसर पर रामपुकार पासवान, रामविलाश पासवान, रामदेव पासवान, चन्दर पासवान, अरूण पासवान, जदयू नेत्री ईशा देवी, रीना देवी, बिभा कुमारी,राजीव पासवान, अमित पासवान, सरोज पासवान, विजय पासवान, जितेन्द्र पासवान, दीपक कुमार, हरिवंश कुमार, अभिषेक कुमार, वार्ड सदस्या सुशीला देवी,अनोज कृष्ण,चिराग व बिक्रम कुमार आदि दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित थे
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